By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
February 5, 2026
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: आखिर क्यों मनाई जाती है लोहड़ी, जानें इस पर्व से जुड़ी मान्यताएं !
Font ResizerAa
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
lohri new delhi 094b2b76 352a 11ea 84d3 ff42d0551712 -
Religion

आखिर क्यों मनाई जाती है लोहड़ी, जानें इस पर्व से जुड़ी मान्यताएं !

लोहड़ी मनाने के पीछे है कई मान्यताएं ।

Last updated: जनवरी 12, 2024 5:54 अपराह्न
By Divya 2 वर्ष पहले
Share
4 Min Read
SHARE

लोहड़ी के त्यौहार को मकर संक्रांति के एक दिन पहले मनाया जाता है। इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी की है और लोहड़ी 14 जनवरी की है। भारत के बहुत से हिस्सों में ये त्यौहार बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। लोहड़ी की सबसे ज्यादा धूम पंजाब और हरियाणा में देखी जाती है,क्योंकि लोहड़ी का त्यौहार पंजाबियों का मुख्य त्यौहार है। इस दिन जो भी नए शादीशुदा जोड़े होते हैं वे अग्नि के चारो ओर फेरे लेकर आहुति देते है और सुखी जीवन की कामना करते है। लेकिन इस त्यौहार को मनाने के पीछे एक नहीं बल्कि कई कथाएं है, जो बहुत कम ही लोग जानते होगे। आज हम आपको इसके पीछे की कहानी बताएगें।

लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी कहानी की परंपरा

इस दिन लोहड़ी की आग के पास घेरा बनाकर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनी जाती है। मान्यता है कि मुगल काल में अकबर के समय में दुल्ला भट्टी नाम का एक शख्स पंजाब में रहता था। उस समय कुछ अमीर व्यापारी सामान की जगह शहर की लड़कियों को बेचा करते थे, तब दुल्ला दुल्ला भट्टी ने उन लड़कियों को बचाकर उनकी शादी करवाई थी। तब से हर साल लोहड़ी के पर्व पर दुल्ला भट्टी की याद में उनकी कहानी सुनाने की पंरापरा चली आ रही है।

पौराणिक कथा के अनुसार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पता चलता है कि यह त्यौहार सती के बलिदान के रूप में मनाया जाता है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, सती ने प्रजापति दक्ष के यज्ञ के दौरान आग में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उसी दिन की याद में यह त्यौहार मनाया जाता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि कंस ने भगवान कृष्ण को मारने के लिए लोहिता नामक राक्षसी को नंदगांव भेजा था। उस समय सभी लोग संक्रांति की तैयारी कर रहे थे। इस दिन कृष्णजी ने लोहिता का वध कर दिया। इस कारण से भी लोहड़ी मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाती है।

नई फसलो से जुड़ा है यह त्यौहार

लोहड़ी का पर्व सिखों और पंजाबियों के प्रमुख त्यौहार में से एक है। असल में लोहड़ी के पर्व को मुख्य रूप से नई फसल आने की खुशी में मनाया जाता है। इसके साथ ही लोहड़ी के दिन से सर्दियों का मौसम खत्म होने लगता है। लोहड़ी के बाद से दिन बड़े होने लगते हैं और रात छोटी होने लगती हैं। लोहड़ी की रात को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसके बाद अगले दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है।

लोहड़ी में चढ़ानी चाहिए ये चीजें

लोहड़ी में जलाई गई अग्नि को बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस दिन अग्नि में रेवड़ी, गन्ना, फूल, मेवे, गजक, मूंगफली, और नारियल चढ़ाना बहुत ही शुभ माना जाता है।

14 जनवरी को लोहड़ी के लिए ये हैं शुभ मुहूर्त

सुबह 05 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक
दोपहर 02 बजकर 15 मिनट से 02 बजकर 57 मिनट तक
शाम 05 बजकर 42 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक
रात्रि 12 बजकर 03 मिनट से 12 बजकर 57

You Might Also Like

यदि कविता न होती?

ट्रंप बंद करेंगे Department of Education…इससे क्या बदलाव होंगे?

गेर में जमकर उमड़ा इंदौरियों का उल्लास

वो पुराने दिन : विद्रोह से जलता तिब्बत और भारत-चीन का संघर्ष

International Day of Happiness में जानिये की ख़ुशी जीवन का सार है या मात्र एक छलावा?

TAGGED: Lohri, New Year, punjabi festival, sun deity, thefourth, thefourthindia, winter crop
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

बारिश में बढ़ती है त्वचा की समस्याएं

3 वर्ष पहले

क्रिकेट के बाद सियासत के मैदान में रायडू !

मणिपुर मामला: हीरो डरपोक, हीरोइनें बहादुर

Chandrayaan-3 की लॉन्चिंग के बाद, ISRO लॉन्च करेगा PSLV-C56

पुणे में एक दर्दनाक हादसा, 8 लोगो की मौत

You Might Also Like

WhatsApp Image 2025 03 18 at 3.34.50 PM -
Fourth Special

होली के बाद अब रंगपंचमी पर होगी रंगों की बौछार

11 महीना पहले
WhatsApp Image 2025 03 18 at 4.02.02 PM -
India

औरंगज़ेब विवाद ने भड़का दी नागपुर में हिंसा!

11 महीना पहले
rowlatt act cultural india 3 -
Fourth Special

वही दिन, वही दस्तां : आज लगा था बेड़ियों में बांधने वाला Rowlatt Act जिसने भड़काई क्रांति की चिंगारी !

11 महीना पहले
WhatsApp Image 2025 03 18 at 3.06.18 PM -
World

गाज़ा में इज़राइली हवाई हमलों से भारी तबाही, 330 से अधिक मौतें

11 महीना पहले
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?